
छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए होली की खुशियाँ इस बार और बढ़ गई हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लंबे समय से लंबित कर्मचारियों की वेतन समस्याओं का समाधान करते हुए कुल ₹62.85 करोड़ का फंड जारी किया है। यह राशि कर्मचारियों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी, ताकि वेतन की कमी या विलंब से होने वाली आर्थिक परेशानियों का समाधान हो सके।
फंड का वितरण विवरण
- नगर निगमों: कुल ₹25.05 करोड़
- बिलासपुर निगम को ₹5 करोड़
- भिलाई निगम को ₹4 करोड़
- शेष ₹16.05 करोड़ अन्य नगर निगमों में वितरित
- नगर पालिकाओं: ₹16.48 करोड़
- सभी नगर पालिकाओं में लंबित वेतन और भत्तों के भुगतान हेतु आवंटित
- नगर पंचायतों: ₹10.17 करोड़
- ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की नगर पंचायतों में कर्मचारियों की पेंडिंग सैलरी निपटाने के लिए
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
इस फंड के जारी होने से कर्मचारियों को न केवल वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि उनके परिवारों में भी होली के अवसर पर खुशी और उत्साह का माहौल बनेगा। लंबे समय से पेंडिंग सैलरी की वजह से कई कर्मचारी दैनिक जरूरतों और त्योहारी खर्चों में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अब यह राशि उनके खातों में सीधे जाने से, वेतन की कमी और तनाव से राहत मिलेगी।
विशेष रूप से बिलासपुर और भिलाई निगम को आवंटित राशि से इन नगर निगमों के कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर राहत मिलेगी, जबकि अन्य नगर निगमों, पालिकाओं और पंचायतों के कर्मचारियों के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
नगरीय प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने, त्योहारी उत्सव में सहभागिता सुनिश्चित करने और नगरीय सेवाओं के सुचारू संचालन को भी मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।




